अविनाश वाचस्‍पति

विचारों की स्‍वतंत्र आग ही है ब्‍लॉग

107 Posts

253 comments

Reader Blogs are not moderated, Jagran is not responsible for the views, opinions and content posted by the readers.
blogid : 1004 postid : 307

हर फूल पे भंवरा डोले

Posted On: 14 Feb, 2013 मस्ती मालगाड़ी में

  • SocialTwist Tell-a-Friend

बेशर्म वेलेंटाइन डे फिर आ धमका हैहगिंग और किसिंग करते हुए। भारतीय वसंत रूपी प्‍यार के पावन संत को पकाने के लिए यह फुल मोड में है। गुलाब को तेजाबित-ग्रहण लग गया है। इससे वसंत दिवस के मौके पर संत बने रहना ही श्रेयस्‍कर जान पड़ता है। उधर आसमान में चौकस इंद्रदेव धरती पर ओले बरसाने की प्‍लानिंग कर रहे हैं। ऐसा करके वे न जाने किनके सिर तोड़ने के मंसूबे बना रहे हैं। ऐसे मौसम में संतों में कुवृत्ति जाग उठी है।
पब्लिक के लिए अच्‍छा वेलेंटाइन वह होता है जिस दिन उस पर कोई कर न लगेउसके कर खुले रहेंखुले में रहें। 362 करोड़ की इटालियन वासंती छटा हेलीकॉप्‍टर सौदे के खाते में खाते -खाते बदहजमी कर गई है। इस बार सिर्फ मोदी को ही गोदी में बैठाकर वेलेंटाइन मनाने की आजादी मिलनी चाहिए – क्‍या किसी को इस बात पर भी एतराज़ है ? नैनों में सपना और सपने में नहींसच में वेलेंटाइन की खुमारी जोरों से मस्‍ती भर रही है। नेताओं का वसंत वोटों काबयानों का वसंत मीडिया के लिएक्‍या अब वेलेंटाइन पर इन का ही एकाधिकार कायम रहेगा ?
गैजेट्स का वसंत अब साल भर तारी रहता हैहाथ चाहे हल्‍के हों पर गैजेट हाथ में भारी रहना चाहिए। जो सामने वाले के दिल पर आरी की तरह दौड़ता रहे। मोदी का पीएम बनना वेलेंटाइन डे का बूमरैंग है उनके खुद के लिए और उनके हिमायतियों के लिए । वेलेंटाइन हो या वसंतइस पर्व पर बरसात जरूर होनी चाहिए, चाहे पानी की न होप्‍यार की हो ! प्‍यार की बरसात पर रोक लगाना गैर-कानूनी होना चाहिए। सरकार अपनी शक्ति का प्रदर्शन पानी की बारिश पर रोक लगाकर करेन कि प्‍यार की बरसात में अवरोध पैदा करने में खुद से ही नूरा-कुश्‍ती लड़ने में मशगूल रहे।
जो संत नगरिया में रहे वह असली संतउसी के घर आ सके वासंती वसंत। जो वेलेंटाइन मनाए वह महंत। आज लेखक भी महंत हो रहे हैंफिर संपादक काहे न दिखलाएं महंतगिरी। प्रकाशकों को भी भा रही है ऐसी ही दादागिरी। मैंने अपने वसंत का आधा दिन रचना और आधा दिवस कल्‍पना के साथ वेलेंटाइन जैसी रंगरेलियां मनाते हुए मनाने का निर्णय ले लिया है। वसंत मन में बसता है, वेलेंटाइन तन में गमकता है और लेखकीय रचना तथा कल्‍पना के यथार्थ में जोरों से चकाचौंध करता है। जैसे लेखक दर्जी की तरह रचनाओं में कल्‍पना को सच्‍चाई का पैबंद लगाकर सिलता है।
वेलेंटाइन डे मनाने के लिए सभी लालायित रहते हैं। आखिर साल में एक बार ही आता है। बचपन के शुरूआती बरस में तो इसे मना नहीं सकते। मना तो बुढ़ापे और अधेड़ावस्‍था में भी नहीं सकते पर इस दौर में इतने अनुभवी हो जाते हैं कि दूसरों को मना कर सकते हैं। यूं तो इसके खिलाफ खूब हल्‍ला मचाया जाता है पर मनाने वाले लिहाफ ओढ़कर मना लेते हैं और वेलेंटाइन मान भी जाता है। यही वेलेंटाइन की अदा सबको भाती-लुभाती है।
कितनी बड़ी त्रासदी है कि आप रेप तो कर सकते हैंफांसी भी दे सकते हैं पर वसंत को वेलेंटाइन कहकर नहीं बुला सकते। इस अवसर को खुलकर सेलीब्रेट नहीं कर सकते। सिर्फ सेलीब्रिटीज़ इसे मनाने के डर से सदा महफूज़ रहते हैं। वे खूब खुलकर मनाते हैंपरदे पर तो उन्‍हें कोई रोक नहीं सकता और सचमुच में वे रुकते नहीं हैं। वेलेंटाइन मनाने की भूमिका और उपयोगिता पर इनामी प्रतियोगिताओं को इस उद्देश्‍य के साथ आयोजित किया जा रहा है ताकि सब इनाम के झांसे में आएं और सरकार को इनके खिलाफ बेईमानी न करनी पड़े।
बतौर इनाम तो कुछ लाख करोड़ खर्च किए जा सकते हैं पर वहां से जीत लें और लिहाफ में एक दूसरे को घसीट लाने पर खर्च करेंखूब कसमसाएं। चूमने और चाटने को के स्‍वाद को खूबसूरत यादों में भर कर वेलेंटाइन हो जाएंफिर वसंत से संत हो जाएं। गागर को यूं ही छलकाएंमस्‍ती में गुनगुनाएंहोली से पहले आने वाली फगुनाहट में मन के रंगों के साथ बिखर-निखर जाएं! वसंत होफागुन हो या हो वेलेंटाइन डे नाइन लोग मिलकर वाइन के नशे में धुत्त होकर मनाएं।

लो आया प्‍यार का मौसम, गुले गुलज़ार का मौसम



Tags:

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (4 votes, average: 4.00 out of 5)
Loading ... Loading ...

3 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

yatindranathchaturvedi के द्वारा
February 18, 2013

आकर्षक

Santlal Karun के द्वारा
February 17, 2013

आदरणीय अविनाश जी, अभिव्यंजित भावनाओं से ओत-प्रोत वेलेंनताइनी बसंत ( इक्कीसवीं सदी के तेरहवें भारतीय बसंत ) के आगमन पर आप का यह किसी भी फूल को न छोड़नेवाला ( चम्पा को भी नहीं ) भौंराया आलेख आरम्भ से अंत तक गुदगुदाता रहा | हार्दिक साधुवाद एवं सदभावनाएँ ! किसिंग ( माफ़ कीजिए, शून्य हगिंग के साथ ! ) बधाई !

jlsingh के द्वारा
February 14, 2013

मैंने अपने वसंत का आधा दिन रचना और आधा दिवस कल्‍पना के साथ वेलेंटाइन जैसी रंगरेलियां मनाते हुए मनाने का निर्णय ले लिया है। आपने इतना उलझा दिया कि सुलझाते सुलझाते फिर वही पहुँच गया जहाँ मुझे पहुंचना चाहिए था …. आपने आधा आधा दिन के बात की है बाकी पूरी रात ‘सोना’ और ‘सपना’ के लिए सुरक्षित रख लिया है! आदर और आभार सहित! शब्दों की बाजीगरी कोई आपसे सीखे कर जोड़कर यानी करबद्ध होकर नमन ही कर सकता हूँ!


topic of the week



latest from jagran