अविनाश वाचस्‍पति

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फूल फूल और अप्रैल फूल

Posted On: 30 Mar, 2012 मस्ती मालगाड़ी में

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जो अंग्रेजीदां होते हैंवह फूल का महत्‍व ही नहीं जानते हैं इसलिए फूल कह कह कर डे सेलीब्रेट करते रहते हैं। हिंदी वाले खुद को फूल समझ कर आनंदित होते हैं। उधर का फूलइधर का फूल सबने ओढ़ रखा है भाषा का दुकूल, सब दूसरे के दुख में प्रसन्‍न। अब इस शाल अथवा कंबल के बल जो निकालने में सफल रहे। वह फूल खाएगा नहींसिर्फ सूंघकर ही खुश हो लेगा। फूल कहकर सूंघने से जिसे फल का स्‍वाद आता हैअब उसे फूल डे का प्रॉडक्‍ट या शिकार माना जाए अथवा सचमुच का मूर्खइस पर शोध की बेहद जरूरत महसूसी जा रही है। इस दिन के इस महत्‍वपूर्ण दिवस की उपादेयता साबित करने के लिए शोध करना बहुत जरूरी है कि खुद को अक्‍लधारी समझने वालेअक्‍लमंदों की भरी पूरी जमात मेंशोध करकेनिष्‍कर्ष पेश करके सर्वोत्‍तमता का तमगा हासिल करें। सुना है इस बार से मूर्ख दिवस पर डॉक्‍टरेट की मानद उपाधि स्‍थापित करी जा रही है। जिसमें व्‍यावहारिकता लाने के लिए उपाधि के साथ 21 लाख रुपये की राशि का चैक प्रदान किया जाएगा लेकिन इससे किसी का नुकसान न होइसलिए चैक की सिर्फ बड़ी अनुकृति ही सम्‍मानित करते समय प्रदान की जाएगी और उसे डॉक्‍टरेट की उपाधि,शालकागज अथवा कपड़े के फूलों के हार की तरह स्‍मृति के बतौर सहेज कर रखना अनिवार्य होगा। अब बतलाइए क्‍या इससे साबित नहीं होता कि जिसे डॉक्‍टरेट की मानद उपाधि दी गईवह सचमुच में इसके सर्वथा योग्‍य रहा।



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2 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

jlsingh के द्वारा
March 31, 2012

बहुत ही सुन्दर तारतम्य!

anupammishra के द्वारा
March 31, 2012

फूल की महक से आनंद आनंद तृप्ति तृप्ति….


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